Tuesday, January 22, 2019

ममता को डर था- भाजपा की रथ यात्रा निकलती तो उनकी सरकार की अंतिम यात्रा होती: शाह

कोलकाता. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल के मालदा में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कांग्रेस पर निशाना साधा। शाह ने कहा- ममता सरकार ने भाजपा को रथ यात्रा की अनुमति नहीं दी। ममता को डर था कि रथ यात्रा निकलती तो यह उनकी सरकार की अंतिम यात्रा होती।

शाह ने कहा, ''पंचायत चुनाव में 65 से ज्यादा भाजपा और अन्य पार्टियों के कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई। तृणमूल के गुंड़ों ने अन्य पार्टियों के उम्मीदवारों को पर्चे तक नहीं डालने दिए। कान खोलकर सुन लो तृणमूल वालों, लोकसभा चुनाव में ऐसी गलती नहीं करना, नहीं तो सेंट्रल मिलिट्री फोर्स आपकी ईंट से ईंट बजा देगी। हर बूथ पर निर्वाचन आयोग के अधिकारी तैनात होंगे।''

शाह ने कहा- ममता को मोदी-मोदी से फुर्सत नहीं

भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ''ममता दीदी का इतना बड़ा कार्यक्रम हुआ, कभी भारत माता की जय के नारे लगे क्या? इनको तो मोदी-मोदी से फुर्सत नहीं है। अभी उन्होंने कई पार्टियों के नेताओं को बुलाया। यूपीए सरकार ने बंगाल को 1 लाख 25 हजार करोड़ रुपए दिए। नरेंद्र मोदी सरकार ने 3 लाख 85 हजार करोड़ रुपए की मदद दी। बंगाल को जनता को मदद नहीं मिल पाती है, क्योंकि सरकार के अफसर इसे खा जाते हैं।''

'हमारी सरकार आई तो एक भी घुसपैठिया नहीं घुस पाएगा'

''हमारी सरकार आई तो एक भी घुसपैठिया बंगाल में नहीं घुस पाएगा। ये घुसपैठियों का समर्थन करते हैं। हम सिटिजनशिप बिल लेकर आए हैं। अब बंगाल के अल्पसंख्यक हिंदुओं को भारत लेकर आएंगे। ममता बनर्जी से पूछता हूं कि आप इस बिल का सर्मथन करोगे या नहीं। वो नहीं करेंगी क्योंकि उनका वोट बैंक चला जाएगा। इस बार चुनाव में सिटिजनशिप बिल बंगाल में बड़ा मुद्दा बनेगा।''

यहां दुर्गा विसर्जन नहीं होगा तो क्या पाक में होगा?- शाह

शाह ने कहा, ''बंगाल में दुर्गा विसर्जन नहीं करेंगे तो क्या पाकिस्तान में करेंगे। सरस्वती पूजन नहीं कर सकते हैं। क्या हमें ऐसा बंगाल चाहिए? ये स्वामी विवेकानंद और श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बंगाल है। हमें यहां कोई नहीं रोक सकता। राज्य में बड़े पैमाने पर गौ तस्करी हो रही है। एक बार बंगाल में कमल खिला दो, किसी को सिंडीकेट टैक्स नहीं देना पड़ेगा। तृणमूल के सांसद सौगत रॉय को खुद इस टैक्स के खिलाफ धरने पर बैठना पड़ा था।''

पांड्या और केएल राहुल को टीवी चैट शो "कॉफी विद करन' में महिलाओं के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी को लेकर सस्पेंड किया गया है। हार्दिक पिछले साल एशिया कप में चोटिल होने के बाद कोई भी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेले हैं। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे और चौथे टेस्ट के लिए उन्हें भारतीय दल में शामिल किया गया था। न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली वनडे श्रृंखला में भी उन्हें जगह नहीं दी गई है। रवींद्र जडेजा और विजय शंकर को ऑलराउंडर के तौर पर दल में शामिल किया गया है।

ऑलराउंडर से मिलते हैं ढेर सारे बॉलिंग ऑप्शन- कोहली
कोहली से पूछा गया कि वर्ल्डकप के लिए आदर्श बॉलिंग कॉम्बिनेशन क्या होगा? उन्होंने कहा, "ईमानदारी से कहूं तो यह ऑलराउंडर पर निर्भर करता है। अगर आपके दुनिया की सबसे मजबूत टीमों को देखें तो उनके पास कम से कम दो ऑलराउंडर हैं। कुछ टीमों के पास तीन भी हैं। इससे आपको बहुत सारे बॉलिंग ऑप्शन मिल जाते हैं।"

"अगर विजय शंकर और हार्दिक जैसे लोग नहीं खेल रहे हैं तो तीन तेज गेंदबाजों का औचित्य बनता है। अगर कोई ऑल-राउंडर कुछ ओवर तेज सीम गेंदबाजी कर सकता है तो ऐसे में दो फास्ट बॉलर्स के अलावा तीसरे ऐसे गेंदबाज की जरूरत नहीं है, जो 140 किमी/घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकता हो।"

"अगर कोई यह कहे कि मैं तीन तेज गेंदबाज लेकर खेल रहा हूं तो यह केवल तभी हुआ, जब हार्दिक उपलब्ध नहीं था। हमें तीन तेज गेंदबाज लेकर खेलना ही था। हर समय, जब ऑलराउंडर टीम में होता है तो आप तीसरे तेज गेंदबाज के बारे में नहीं सोचते। ऐसा तब तक तो बिल्कुल नहीं होता, जब खेल की स्थितियां पूरी तरह स्पिन गेंदबाजी के विरुद्ध ना हों।"

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