कैंसर से जंग लड़ रहे गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर ओछी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए बड़ा पलटवार किया है. एक दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष से हुई मुलाकात पर पर्रिकर ने कहा कि राहुल ने ये मुलाकात सिर्फ अपने राजनीतिक फायदे के लिए की है. पर्रिकर ने राहुल पर राजनीतिक अवसरवादिता का आरोप लगाया है.
पर्रिकर ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को चिट्ठी लिखकर कहा है कि आप अपने राजनीतिक फायदे के लिए मुझसे मिलने आए. मेरे साथ बिताए 5 मिनटों में न तो आपने राफेल का जिक्र किया और ना ही उससे संबंधित किसी अन्य बारे में चर्चा की.
पर्रिकर बोले- राहुल ने दिया झूठा बयान
पर्रिकर ने कहा कि शिष्टाचार मुलाकात में इतने निचले स्तर की राजनीति करते हुए झूठा बयान देकर मेरे मन में आपकी यात्रा की इमानदारी के प्रति सवाल पैदा करता है. मैं मीडिया में आई खबर पढ़कर व्यथित हूं कि आपने कहा कि मैं इस प्रक्रिया में शामिल नहीं था. मुझे लगता है कि आप राजनीतिक फायदे के लिए इस यात्रा का उपयोग कर रहे हैं. पर्रिकर ने राहुल गांधी की उस बयान की निंदा की जिसमें राहुल ने कहा था कि मंगलवार की मुलाकात के दौरान पर्रिकर ने उनसे कहा था कि राफेल डील की उन्हें कोई जानकारी नहीं थी.
क्या कहा था राहुल गांधी ने
दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में यूथ कांग्रेस को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा था कि कल मैं पर्रिकर जी से मिला. उन्होंने खुद कहा था कि डील बदलते समय प्रधानमंत्री ने रक्षा मंत्री से नहीं पूछा था. राहुल ने कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति ने बताया कि मोदी ने उनसे कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी डील का कॉन्ट्रेक्ट चाहिए तो अनिल अंबानी को कॉन्ट्रेक्ट देना ही पड़ेगा. इसके बाद HAL का कॉन्ट्रेक्ट छीन लिया गया. राहुल के इसी बयान पर पर्रिकर ने पलटवार किया है.
अमित शाह ने भी घेरा
इधर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी राहुल गांधी को घेरा. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, आपने दिखा दिया कि बीमारी से लड़ रहे व्यक्ति के नाम पर झूठ बोलकर आप कितने असंवेदनशील हैं. आपके इस व्यवहार से देश के लोग नफरत करते हैं.
गोवा के मंत्री बोले- राजनीति न हो
इधर गोवा के मंत्री मोविन गोडिन्हो ने भी कहा कि राहुल गांधी को पर्रिकर से हुई मुलाकात पर राजनीति नहीं करनी चाहिए. मोविन ने कहा कि भले ही हम अलग-अलग राजनीतिक दलों से हों, लेकिन जब हम एक दूसरे के प्रति शिष्टाचार जताते हैं तो इसमें राजनीति शामिल नहीं करनी चाहिए.
मंगलवार को पर्रिकर से मिलने गए थे राहुल गांधी
गौरतलब है कि राहुल गांधी मंगलवार को अचानक पर्रिकर से मिलने पहुंच गए थे. पर्रिकर से मुलाकात के बाद उन्होंने ट्वीट किया कि आज सुबह मैं गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर से शीघ्र स्वस्थ होने की शुभकामना देने के लिए मिलने गया. यह एक व्यक्तिगत यात्रा थी. पर्रिकर से मुलाकात के बाद राहुल ने केरल में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पर्रिकर ने उनसे कहा कि बतौर रक्षा मंत्री राफेल सौदे से उनका कोई लेना-देना नहीं था.
अमित शाह ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जब यूपीए की सरकार थी तो कांग्रेस में टू-जी थे सोनिया गांधी और राहुल गांधी. तब देश में 12 लाख करोड़ के घोटाले हुए. अब प्रियंका के रूप में थ्री-जी भी आ गया, तो खुद सोचो क्या होगा. बीजेपी नेता ने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश ने एक बार और हमें आशीर्वाद दे दिया तो 5 साल के भीतर भारत महाशक्ति बनकर उभरेगा. बीजेपी नेता ने कहा कि जब देश में यूपीए की सरकार थी तो आतंकवादी आते थे और हमारे जवानों को मारकर चले जाते थे, लेकिन जब से देश में मोदी जी की सरकार बनी है हमने पाकिस्तान में घुस कर बदला लिया है.
बता दें कि बीजेपी अध्यक्ष ने मंगलवार को भी वंशवादी राजनीति पर निशाना साधा था. उन्होंने पश्चिम बंगाल के मिदनापुर की रैली में कहा था कि कांग्रेस की तरह, तृणमूल कांग्रेस भी वंशवाद की राजनीति करती है क्योंकि वह पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को आगे बढ़ा रही है. उन्होंने कहा, कांग्रेस वंशवाद की राजनीति का पर्याय है. इंदिरा गाधी के बाद, संजय गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अब प्रियंका गांधी. इसी तरह तृणमूल कांग्रेस में बनर्जी के भतीजे उनके बाद राज करने के लिए तैयार हो रहे हैं. वंशवाद की राजनीति देश के लिए अच्छी नहीं है.
Wednesday, January 30, 2019
Tuesday, January 22, 2019
ममता को डर था- भाजपा की रथ यात्रा निकलती तो उनकी सरकार की अंतिम यात्रा होती: शाह
कोलकाता. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल के मालदा में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कांग्रेस पर निशाना साधा। शाह ने कहा- ममता सरकार ने भाजपा को रथ यात्रा की अनुमति नहीं दी। ममता को डर था कि रथ यात्रा निकलती तो यह उनकी सरकार की अंतिम यात्रा होती।
शाह ने कहा, ''पंचायत चुनाव में 65 से ज्यादा भाजपा और अन्य पार्टियों के कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई। तृणमूल के गुंड़ों ने अन्य पार्टियों के उम्मीदवारों को पर्चे तक नहीं डालने दिए। कान खोलकर सुन लो तृणमूल वालों, लोकसभा चुनाव में ऐसी गलती नहीं करना, नहीं तो सेंट्रल मिलिट्री फोर्स आपकी ईंट से ईंट बजा देगी। हर बूथ पर निर्वाचन आयोग के अधिकारी तैनात होंगे।''
शाह ने कहा- ममता को मोदी-मोदी से फुर्सत नहीं
भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ''ममता दीदी का इतना बड़ा कार्यक्रम हुआ, कभी भारत माता की जय के नारे लगे क्या? इनको तो मोदी-मोदी से फुर्सत नहीं है। अभी उन्होंने कई पार्टियों के नेताओं को बुलाया। यूपीए सरकार ने बंगाल को 1 लाख 25 हजार करोड़ रुपए दिए। नरेंद्र मोदी सरकार ने 3 लाख 85 हजार करोड़ रुपए की मदद दी। बंगाल को जनता को मदद नहीं मिल पाती है, क्योंकि सरकार के अफसर इसे खा जाते हैं।''
'हमारी सरकार आई तो एक भी घुसपैठिया नहीं घुस पाएगा'
''हमारी सरकार आई तो एक भी घुसपैठिया बंगाल में नहीं घुस पाएगा। ये घुसपैठियों का समर्थन करते हैं। हम सिटिजनशिप बिल लेकर आए हैं। अब बंगाल के अल्पसंख्यक हिंदुओं को भारत लेकर आएंगे। ममता बनर्जी से पूछता हूं कि आप इस बिल का सर्मथन करोगे या नहीं। वो नहीं करेंगी क्योंकि उनका वोट बैंक चला जाएगा। इस बार चुनाव में सिटिजनशिप बिल बंगाल में बड़ा मुद्दा बनेगा।''
यहां दुर्गा विसर्जन नहीं होगा तो क्या पाक में होगा?- शाह
शाह ने कहा, ''बंगाल में दुर्गा विसर्जन नहीं करेंगे तो क्या पाकिस्तान में करेंगे। सरस्वती पूजन नहीं कर सकते हैं। क्या हमें ऐसा बंगाल चाहिए? ये स्वामी विवेकानंद और श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बंगाल है। हमें यहां कोई नहीं रोक सकता। राज्य में बड़े पैमाने पर गौ तस्करी हो रही है। एक बार बंगाल में कमल खिला दो, किसी को सिंडीकेट टैक्स नहीं देना पड़ेगा। तृणमूल के सांसद सौगत रॉय को खुद इस टैक्स के खिलाफ धरने पर बैठना पड़ा था।''
पांड्या और केएल राहुल को टीवी चैट शो "कॉफी विद करन' में महिलाओं के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी को लेकर सस्पेंड किया गया है। हार्दिक पिछले साल एशिया कप में चोटिल होने के बाद कोई भी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेले हैं। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे और चौथे टेस्ट के लिए उन्हें भारतीय दल में शामिल किया गया था। न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली वनडे श्रृंखला में भी उन्हें जगह नहीं दी गई है। रवींद्र जडेजा और विजय शंकर को ऑलराउंडर के तौर पर दल में शामिल किया गया है।
ऑलराउंडर से मिलते हैं ढेर सारे बॉलिंग ऑप्शन- कोहली
कोहली से पूछा गया कि वर्ल्डकप के लिए आदर्श बॉलिंग कॉम्बिनेशन क्या होगा? उन्होंने कहा, "ईमानदारी से कहूं तो यह ऑलराउंडर पर निर्भर करता है। अगर आपके दुनिया की सबसे मजबूत टीमों को देखें तो उनके पास कम से कम दो ऑलराउंडर हैं। कुछ टीमों के पास तीन भी हैं। इससे आपको बहुत सारे बॉलिंग ऑप्शन मिल जाते हैं।"
"अगर विजय शंकर और हार्दिक जैसे लोग नहीं खेल रहे हैं तो तीन तेज गेंदबाजों का औचित्य बनता है। अगर कोई ऑल-राउंडर कुछ ओवर तेज सीम गेंदबाजी कर सकता है तो ऐसे में दो फास्ट बॉलर्स के अलावा तीसरे ऐसे गेंदबाज की जरूरत नहीं है, जो 140 किमी/घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकता हो।"
"अगर कोई यह कहे कि मैं तीन तेज गेंदबाज लेकर खेल रहा हूं तो यह केवल तभी हुआ, जब हार्दिक उपलब्ध नहीं था। हमें तीन तेज गेंदबाज लेकर खेलना ही था। हर समय, जब ऑलराउंडर टीम में होता है तो आप तीसरे तेज गेंदबाज के बारे में नहीं सोचते। ऐसा तब तक तो बिल्कुल नहीं होता, जब खेल की स्थितियां पूरी तरह स्पिन गेंदबाजी के विरुद्ध ना हों।"
शाह ने कहा, ''पंचायत चुनाव में 65 से ज्यादा भाजपा और अन्य पार्टियों के कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई। तृणमूल के गुंड़ों ने अन्य पार्टियों के उम्मीदवारों को पर्चे तक नहीं डालने दिए। कान खोलकर सुन लो तृणमूल वालों, लोकसभा चुनाव में ऐसी गलती नहीं करना, नहीं तो सेंट्रल मिलिट्री फोर्स आपकी ईंट से ईंट बजा देगी। हर बूथ पर निर्वाचन आयोग के अधिकारी तैनात होंगे।''
शाह ने कहा- ममता को मोदी-मोदी से फुर्सत नहीं
भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ''ममता दीदी का इतना बड़ा कार्यक्रम हुआ, कभी भारत माता की जय के नारे लगे क्या? इनको तो मोदी-मोदी से फुर्सत नहीं है। अभी उन्होंने कई पार्टियों के नेताओं को बुलाया। यूपीए सरकार ने बंगाल को 1 लाख 25 हजार करोड़ रुपए दिए। नरेंद्र मोदी सरकार ने 3 लाख 85 हजार करोड़ रुपए की मदद दी। बंगाल को जनता को मदद नहीं मिल पाती है, क्योंकि सरकार के अफसर इसे खा जाते हैं।''
'हमारी सरकार आई तो एक भी घुसपैठिया नहीं घुस पाएगा'
''हमारी सरकार आई तो एक भी घुसपैठिया बंगाल में नहीं घुस पाएगा। ये घुसपैठियों का समर्थन करते हैं। हम सिटिजनशिप बिल लेकर आए हैं। अब बंगाल के अल्पसंख्यक हिंदुओं को भारत लेकर आएंगे। ममता बनर्जी से पूछता हूं कि आप इस बिल का सर्मथन करोगे या नहीं। वो नहीं करेंगी क्योंकि उनका वोट बैंक चला जाएगा। इस बार चुनाव में सिटिजनशिप बिल बंगाल में बड़ा मुद्दा बनेगा।''
यहां दुर्गा विसर्जन नहीं होगा तो क्या पाक में होगा?- शाह
शाह ने कहा, ''बंगाल में दुर्गा विसर्जन नहीं करेंगे तो क्या पाकिस्तान में करेंगे। सरस्वती पूजन नहीं कर सकते हैं। क्या हमें ऐसा बंगाल चाहिए? ये स्वामी विवेकानंद और श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बंगाल है। हमें यहां कोई नहीं रोक सकता। राज्य में बड़े पैमाने पर गौ तस्करी हो रही है। एक बार बंगाल में कमल खिला दो, किसी को सिंडीकेट टैक्स नहीं देना पड़ेगा। तृणमूल के सांसद सौगत रॉय को खुद इस टैक्स के खिलाफ धरने पर बैठना पड़ा था।''
पांड्या और केएल राहुल को टीवी चैट शो "कॉफी विद करन' में महिलाओं के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी को लेकर सस्पेंड किया गया है। हार्दिक पिछले साल एशिया कप में चोटिल होने के बाद कोई भी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेले हैं। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे और चौथे टेस्ट के लिए उन्हें भारतीय दल में शामिल किया गया था। न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली वनडे श्रृंखला में भी उन्हें जगह नहीं दी गई है। रवींद्र जडेजा और विजय शंकर को ऑलराउंडर के तौर पर दल में शामिल किया गया है।
ऑलराउंडर से मिलते हैं ढेर सारे बॉलिंग ऑप्शन- कोहली
कोहली से पूछा गया कि वर्ल्डकप के लिए आदर्श बॉलिंग कॉम्बिनेशन क्या होगा? उन्होंने कहा, "ईमानदारी से कहूं तो यह ऑलराउंडर पर निर्भर करता है। अगर आपके दुनिया की सबसे मजबूत टीमों को देखें तो उनके पास कम से कम दो ऑलराउंडर हैं। कुछ टीमों के पास तीन भी हैं। इससे आपको बहुत सारे बॉलिंग ऑप्शन मिल जाते हैं।"
"अगर विजय शंकर और हार्दिक जैसे लोग नहीं खेल रहे हैं तो तीन तेज गेंदबाजों का औचित्य बनता है। अगर कोई ऑल-राउंडर कुछ ओवर तेज सीम गेंदबाजी कर सकता है तो ऐसे में दो फास्ट बॉलर्स के अलावा तीसरे ऐसे गेंदबाज की जरूरत नहीं है, जो 140 किमी/घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकता हो।"
"अगर कोई यह कहे कि मैं तीन तेज गेंदबाज लेकर खेल रहा हूं तो यह केवल तभी हुआ, जब हार्दिक उपलब्ध नहीं था। हमें तीन तेज गेंदबाज लेकर खेलना ही था। हर समय, जब ऑलराउंडर टीम में होता है तो आप तीसरे तेज गेंदबाज के बारे में नहीं सोचते। ऐसा तब तक तो बिल्कुल नहीं होता, जब खेल की स्थितियां पूरी तरह स्पिन गेंदबाजी के विरुद्ध ना हों।"
Thursday, January 3, 2019
आर्थिक मोर्चे पर मोदी सरकार की सफलता, 10 साल बाद बना बड़ा रिकॉर्ड
वित्त वर्ष 2017-18 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के समक्ष डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 5.98 फीसदी रहा. यह अनुपात पिछले 10 साल का सर्वश्रेष्ठ स्तर है. वित्त मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी है. मंत्रालय के मुताबिक जीडीपी-डायरेक्ट टैक्स रेश्यो 2016-17 में 5.57 फीसदी, 2015-16 में 5.47 फीसदी रहा.
मंत्रालय ने कहा, ''नोटबंदी का एक बड़ा मकसद टैक्स नहीं देने वाले समाज को इसके लिए प्रेरित करना होगा. इस लिहाज से नोटबंदी का असर व्यक्तिगत इनकम टैक्स कलेक्शन में महसूस किया गया है. मंत्रालय ने अपनी 2018 की समीक्षा में कहा, ‘‘पिछले तीन साल के दौरान डायरेक्ट टैक्स-जीडीपी रेश्यो में लगातार वृद्धि हुई है और 2017-18 में यह 5.98 फीसदी पर पहुंच गया. जीडीपी के समक्ष डायरेक्ट टैक्स का यह अनुपात पिछले दस साल का सबसे ऊंचा स्तर है.’’
मंत्रालय ने बताया कि पिछले चार वित्त वर्षों के दौरान दाखिल रिटर्न की संख्या में 80 फीसदी से अधिक की वृद्धि हुई है. वित्त वर्ष 2013-14 में कुल 3.79 करोड़ रिटर्न दाखिल किए गए थे. यह आंकड़ा 2017-18 में 6.85 करोड़ पर पहुंच गया. इसके अलावा व्यक्तिगत रूप से आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले लोगों की संख्या में भी इस दौरान 65 फीसदी का इजाफा हुआ है. 2013-14 में रिटर्न दाखिल करने वाले व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स की संख्या 3.31 करोड़ थी. यह आंकड़ा 2017-18 में 5.44 करोड़ पर पहुंच गया.
मंत्रालय ने बताया कि पिछले तीन आकलन वर्षों में सभी श्रेणियों के टैक्सपेयर्स द्वारा दाखिल किए गए रिटर्न में घोषित आमदनी में लगातार वृद्धि हुई है. वित्त वर्ष 2013-14 के लिए निर्धारण या आकलन वर्ष 2014-15 में दाखिल किए गए रिटर्न में कुल 26.92 लाख करोड़ रुपये की आमदनी घोषित की गई. यह राशि आकलन वर्ष 2017-18 में 67 फीसदी बढ़कर 44.88 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई. मंत्रालय ने कहा कि सरकार की ओर से विभिन्न प्रकार के विधायी और प्रशासनिक उपायों के चलते यह संभव हो पाया. सरकार ने नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने और टैक्स चोरी रोकने के लिए ठोस उपाय भी किये.
बता दें कि वर्तमान समय में निर्माणाधीन मकानों पर 12 फीसदी की जीएसटी दर लागू होती है. आसान भाषा में समझें तो निर्माणाधीन मकानों की जो कीमत जीएसटी की वजह से ज्यादा थी, इस फैसले के लागू होने के बाद उसमें कटौती हो जाएगी.
इसके अलावा फ्लैट और घर के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले अधिकांश निर्माण उत्पाद, पूंजीगत सामान और सर्विसेज पर 18 फीसदी जीएसटी लगता है, जबकि सीमेंट पर 28 फीसदी का जीएसटी लगता है. वहीं यह भी संभव है कि 10 जनवरी की बैठक में सीमेंट के टैक्स स्लैब पर विचार हो. बता दें कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस बात के संकेत दिए थे कि आने वाले दिनों में सीमेंट को भी 28 फीसदी के टैक्स स्लैब से बाहर किया जा सकता है. इसके साथ ही लघु और मध्यम उद्योगों के लिए कारोबार छूट की सीमा को भी बढ़ाने पर विचार विमर्श हो सकता है.
जेटली ने क्या कहा था
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बीते दिनों कहा था कि अगली बैठक में आवासीय संपत्तियों के लिए टैक्स की रेट को तर्कसंगत बनाने और एमएसएमई के लिए छूट सीमा को मौजूदा 20 लाख रुपये से बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है. इसके अलावा काउंसिल में छोटे आपूर्तिकर्ताओं के लिए कंपोजीशन योजना पर भी विचार किया जा सकता है. लॉटरी पर जीएसटी रेट तय करने पर भी विचार किया जा सकता है.
मंत्रालय ने कहा, ''नोटबंदी का एक बड़ा मकसद टैक्स नहीं देने वाले समाज को इसके लिए प्रेरित करना होगा. इस लिहाज से नोटबंदी का असर व्यक्तिगत इनकम टैक्स कलेक्शन में महसूस किया गया है. मंत्रालय ने अपनी 2018 की समीक्षा में कहा, ‘‘पिछले तीन साल के दौरान डायरेक्ट टैक्स-जीडीपी रेश्यो में लगातार वृद्धि हुई है और 2017-18 में यह 5.98 फीसदी पर पहुंच गया. जीडीपी के समक्ष डायरेक्ट टैक्स का यह अनुपात पिछले दस साल का सबसे ऊंचा स्तर है.’’
मंत्रालय ने बताया कि पिछले चार वित्त वर्षों के दौरान दाखिल रिटर्न की संख्या में 80 फीसदी से अधिक की वृद्धि हुई है. वित्त वर्ष 2013-14 में कुल 3.79 करोड़ रिटर्न दाखिल किए गए थे. यह आंकड़ा 2017-18 में 6.85 करोड़ पर पहुंच गया. इसके अलावा व्यक्तिगत रूप से आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले लोगों की संख्या में भी इस दौरान 65 फीसदी का इजाफा हुआ है. 2013-14 में रिटर्न दाखिल करने वाले व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स की संख्या 3.31 करोड़ थी. यह आंकड़ा 2017-18 में 5.44 करोड़ पर पहुंच गया.
मंत्रालय ने बताया कि पिछले तीन आकलन वर्षों में सभी श्रेणियों के टैक्सपेयर्स द्वारा दाखिल किए गए रिटर्न में घोषित आमदनी में लगातार वृद्धि हुई है. वित्त वर्ष 2013-14 के लिए निर्धारण या आकलन वर्ष 2014-15 में दाखिल किए गए रिटर्न में कुल 26.92 लाख करोड़ रुपये की आमदनी घोषित की गई. यह राशि आकलन वर्ष 2017-18 में 67 फीसदी बढ़कर 44.88 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई. मंत्रालय ने कहा कि सरकार की ओर से विभिन्न प्रकार के विधायी और प्रशासनिक उपायों के चलते यह संभव हो पाया. सरकार ने नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने और टैक्स चोरी रोकने के लिए ठोस उपाय भी किये.
बता दें कि वर्तमान समय में निर्माणाधीन मकानों पर 12 फीसदी की जीएसटी दर लागू होती है. आसान भाषा में समझें तो निर्माणाधीन मकानों की जो कीमत जीएसटी की वजह से ज्यादा थी, इस फैसले के लागू होने के बाद उसमें कटौती हो जाएगी.
इसके अलावा फ्लैट और घर के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले अधिकांश निर्माण उत्पाद, पूंजीगत सामान और सर्विसेज पर 18 फीसदी जीएसटी लगता है, जबकि सीमेंट पर 28 फीसदी का जीएसटी लगता है. वहीं यह भी संभव है कि 10 जनवरी की बैठक में सीमेंट के टैक्स स्लैब पर विचार हो. बता दें कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस बात के संकेत दिए थे कि आने वाले दिनों में सीमेंट को भी 28 फीसदी के टैक्स स्लैब से बाहर किया जा सकता है. इसके साथ ही लघु और मध्यम उद्योगों के लिए कारोबार छूट की सीमा को भी बढ़ाने पर विचार विमर्श हो सकता है.
जेटली ने क्या कहा था
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बीते दिनों कहा था कि अगली बैठक में आवासीय संपत्तियों के लिए टैक्स की रेट को तर्कसंगत बनाने और एमएसएमई के लिए छूट सीमा को मौजूदा 20 लाख रुपये से बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है. इसके अलावा काउंसिल में छोटे आपूर्तिकर्ताओं के लिए कंपोजीशन योजना पर भी विचार किया जा सकता है. लॉटरी पर जीएसटी रेट तय करने पर भी विचार किया जा सकता है.
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