अल्बानिया की संसद में प्रधानमंत्री पर अंडे फेंके जाने की घटना सामने आई है। यूनिवर्सिटी की फीस बढ़ाने के खिलाफ यहां हो रहे विरोध के दौरान एक सांसद ने भाषण दे रहे प्रधानमंत्री एडी रामा पर अंडे फेंक दिए। इस हरकत के बाद गार्डों ने सांसद को बलपूर्वक बाहर निकाल दिया। गुरुवार को हुई इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
इस घटना के बाद स्पीकर ने सांसद एंड्री हासा पर संसद में प्रवेश पर 10 दिन का बैन लगा दिया। विपक्षी डेमोक्रेट पार्टी ने अपने सांसद का बचाव करते हुए कहा कि वह बढ़ी हुई फीस के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन करते हैं। अल्बेनिया के पूर्व प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता सली बेरिशा ने फेसबुक लिखा- फेंके गए अंडे विपक्ष की ओर से रामा के लिए क्रिसमस और नए साल के ग्रीटिंग कार्ड थे।
सड़कों पर छात्रों का प्रदर्शन
अल्बानिया में इस वक्त महंगी पढ़ाई को लेकर छात्र विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकारी यूनिवर्सिटीज में सालाना फीस 160 से 2560 यूरो (13 हजार से 2 लाख रुपए) तक है, जबकि प्रति व्यक्ति मासिक औसत आय 350 यूरो (28 हजार रुपए) प्रतिमाह है।
प्रधानमंत्री ने की अभद्र टिप्पणी
अल्बानिया के प्रधानमंत्री ने संसद से बाहर निकलने के बाद घटना पर ट्वीट कर गुस्सा जताया। उन्होंने विपक्ष पर अभद्र टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि विपक्ष को छात्रों की मांगों के बारे में सरकार से चर्चा करनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने यहां टकराव के हालात पैदा कर दिए।
आमिर खान ठग्स ऑफ हिंदोस्तान को प्रमोट करने के लिए चीन में हैं जो कि वहां पर 28 दिसंबर को रिलीज हो रही है। ये मेगा बजट और मल्टीस्टारर फिल्म इंडिया में दीवाली पर रिलीज हुई थी लेकिन, उम्मीद के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर सकी। इस फिल्म को औसत रिव्यूज मिले थे। फिल्म चीन में अलगे साल रिलीज होने वाली थी लेकिन, मेकर्स इसे इसी साल रिलीज करने के लिए इच्छुक थे और उन्होंने रिलीज डेट को मैनेज कर लिया। आमिर फिल्म के लिए पहले ही ऑडियंस से माफी मांग चुके हैं। अब वे फिल्म को चीन में प्रमोट करने के लिए गए हैं। जहां उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है।
आमिर ने बदली स्ट्रेटजी
सूत्रों के अनुसार,आमिर फिल्म का बहुत ज्यादा प्रमोशन नहीं करने के लिए जाने जाते हैं। वे इस पॉलिसी को कुछ फिल्मों से फॉलो कर रहे हैं। जो कि उनके लिए काम भी कर रही थी। हालांकि ठग्स के केस में इस पॉलिसी ने काम नहीं किया और फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कलेक्शन भी नहीं कर सकी। इसलिए अब चीन में वे अलग-अलग शहरों में विजिट करेंगे और फिल्म को प्रमोट करेंगे जहां पर उनकी पुरानी फिल्मों ने अच्छा प्रदर्शन किया था। वे पहले से ही कुछ इवेंट्स में देखे गए हैं और आने वाले दिनों में दूसरे इवेंट्स में भी शामिल होंगे। आमिर अकेले ही चीन में प्रमोशन के लिए गए हैं जबकि फिल्म में उनके साथ कैटरीना कैफ, अमिताभ बच्चन और फातिमा सना शेख भी हैं।
Friday, December 21, 2018
Friday, December 7, 2018
एक रुपये के सिक्के को बनाने पर 1.11 रुपये आता है खर्च, RTI से खुलासा
भारत में बीते कुछ दशक से सिक्कों का मूल्य लगातार घटता गया है. अब सिक्के से बहुत कम ही चीज़ें ऐसी होंगी जो खरीदी जा सकती हो. खास तौर पर कम मूल्य वाले सिक्कों से. हर कोई जानता है कि सिक्के का मूल्य क्या है क्योंकि वो उसी पर ही उकेरा रहता है. लेकिन क्या आपने कभी इस पर हैरानी जताई है कि सिक्के को बनाने पर लागत कितनी आती है? क्या ये लागत सिक्के के मूल्य से ज़्यादा भी हो सकती है?
सिक्कों की लागत से जुड़ी इस पहेली को सुलझाने के लिए इंडिया टुडे ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से जानकारी मांगी.हमने RBI से ये भी जानना चाहा कि मौजूदा वक्त में किस किस मूल्य के सिक्कों का भारत सरकार की ओर से निर्माण कराया जा रहा है? बीते 5 साल में ऐसे कितने सिक्के ढाले गए.
हमारे सवालों को RBI ने देश की सभी टकसालों को भेजा. भारतीय सरकारी टकसाल, मुंबई की ओर से जवाब दिया गया कि मौजूदा वक्त में 10 रु, 5 रु, 2 रु और 1 रु के सिक्कों को ही इस टकसाल में ढाला जा रहा है. जवाब में बीते 5 साल में टकसाल की ओर से जिन अलग अलग मूल्य के सिक्कों को ढाला गया, उनकी जानकारी भी दी गई. हालांकि इस टकसाल ने सिक्कों पर आने वाली लागत की जानकारी गोपनीयता का हवाला देते हुए देने से इनकार कर दिया. टकसाल ने जवाब में कहा, “ये जानकारी आरटीआई एक्ट, 2005 के सेक्शन 8 (1) (d) के तहत उपलब्ध नहीं कराई जा सकती क्योंकि ये ट्रेड सीक्रेट है.
हैदराबाद के सरकारी टकसाल का जवाब
RBI ने इंडिया टुडे के सवालों को हैदराबाद स्थित एक और सरकारी टकसाल को भी भेजा था. इस टकसाल की ओर से भी यही जवाब दिया गया कि फिलहाल उसकी ओर से चार मूल्यों के सिक्के ही ढाले जा रहे हैं. और वो सिक्के हैं- 10 रु, 5 रु, 2 रु और 1 रु. हैदराबाद टकसाल ने ये भी बताया कि बीते चार साल में अलग अलग मूल्य के कितने सिक्के ढाले गए. हालांकि इस टकसाल को मुंबई टकसाल की तरह सिक्कों के निर्माण पर आने वाली लागत को बताने में कोई गुरेज़ नहीं था.हैदराबाद टकसाल के मुताबिक 1 रुपए के सिक्के को बनाने में औसत लागत 1 रुपए 11 पैसे आती है. साफ है कि इस सिक्के का जितना मूल्य है, उससे लागत ज़्यादा है.
अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) को यूपी में बड़ा झटका लगा है. उत्तर प्रदेश के बहराइच से सांसद सावित्री बाई फुले ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. फुले ने इस्तीफा देने के साथ ही बीजेपी पर एक बार फिर हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी समाज में बंटवारे की साजिश कर रही है.
फुले की पहचान उत्तर प्रदेश में बीजेपी के एक बड़े दलित चेहरे के तौर पर रही है. हालांकि वह केंद्र और यूपी सरकार पर अक्सर निशाना साधती रही हैं और आज इस्तीफा देने के बाद भी उन्होंने पार्टी पर आरोप लगाए.
इससे पहले मंगलवार को फुले ने कहा था कि हनुमानजी दलित और मनुवादियों के गुलाम थे. उन्होंने कहा कि अगर लोग कहते है कि भगवान राम है और उनका बेड़ा पार कराने का काम हनुमानजी ने किया था, उनमें अगर शक्ति थी तो जिन लोगों ने उनका बेड़ा पार कराने का काम किया, उन्हें बंदर क्यों बना दिया? फुले का यह बयान योगी आदित्यनाथ द्धारा हनुमान जी को दलित बताने के बाद आया था.
सिक्कों की लागत से जुड़ी इस पहेली को सुलझाने के लिए इंडिया टुडे ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से जानकारी मांगी.हमने RBI से ये भी जानना चाहा कि मौजूदा वक्त में किस किस मूल्य के सिक्कों का भारत सरकार की ओर से निर्माण कराया जा रहा है? बीते 5 साल में ऐसे कितने सिक्के ढाले गए.
हमारे सवालों को RBI ने देश की सभी टकसालों को भेजा. भारतीय सरकारी टकसाल, मुंबई की ओर से जवाब दिया गया कि मौजूदा वक्त में 10 रु, 5 रु, 2 रु और 1 रु के सिक्कों को ही इस टकसाल में ढाला जा रहा है. जवाब में बीते 5 साल में टकसाल की ओर से जिन अलग अलग मूल्य के सिक्कों को ढाला गया, उनकी जानकारी भी दी गई. हालांकि इस टकसाल ने सिक्कों पर आने वाली लागत की जानकारी गोपनीयता का हवाला देते हुए देने से इनकार कर दिया. टकसाल ने जवाब में कहा, “ये जानकारी आरटीआई एक्ट, 2005 के सेक्शन 8 (1) (d) के तहत उपलब्ध नहीं कराई जा सकती क्योंकि ये ट्रेड सीक्रेट है.
हैदराबाद के सरकारी टकसाल का जवाब
RBI ने इंडिया टुडे के सवालों को हैदराबाद स्थित एक और सरकारी टकसाल को भी भेजा था. इस टकसाल की ओर से भी यही जवाब दिया गया कि फिलहाल उसकी ओर से चार मूल्यों के सिक्के ही ढाले जा रहे हैं. और वो सिक्के हैं- 10 रु, 5 रु, 2 रु और 1 रु. हैदराबाद टकसाल ने ये भी बताया कि बीते चार साल में अलग अलग मूल्य के कितने सिक्के ढाले गए. हालांकि इस टकसाल को मुंबई टकसाल की तरह सिक्कों के निर्माण पर आने वाली लागत को बताने में कोई गुरेज़ नहीं था.हैदराबाद टकसाल के मुताबिक 1 रुपए के सिक्के को बनाने में औसत लागत 1 रुपए 11 पैसे आती है. साफ है कि इस सिक्के का जितना मूल्य है, उससे लागत ज़्यादा है.
अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) को यूपी में बड़ा झटका लगा है. उत्तर प्रदेश के बहराइच से सांसद सावित्री बाई फुले ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. फुले ने इस्तीफा देने के साथ ही बीजेपी पर एक बार फिर हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी समाज में बंटवारे की साजिश कर रही है.
फुले की पहचान उत्तर प्रदेश में बीजेपी के एक बड़े दलित चेहरे के तौर पर रही है. हालांकि वह केंद्र और यूपी सरकार पर अक्सर निशाना साधती रही हैं और आज इस्तीफा देने के बाद भी उन्होंने पार्टी पर आरोप लगाए.
इससे पहले मंगलवार को फुले ने कहा था कि हनुमानजी दलित और मनुवादियों के गुलाम थे. उन्होंने कहा कि अगर लोग कहते है कि भगवान राम है और उनका बेड़ा पार कराने का काम हनुमानजी ने किया था, उनमें अगर शक्ति थी तो जिन लोगों ने उनका बेड़ा पार कराने का काम किया, उन्हें बंदर क्यों बना दिया? फुले का यह बयान योगी आदित्यनाथ द्धारा हनुमान जी को दलित बताने के बाद आया था.
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